
कला हमेशा से मानव जीवन का अभिन्न अंग रही है:-ओमप्रकाश राय

गडहनी। शिक्षक (जिन्हे हम सभी गुरू की उपमा देते है) शिक्षा के साथ साथ बच्चों की प्रतिभाओं को भी निखारने मे युग युगान्तर से अपनी महती भूमिका का निर्वहन करते आ रहे हैं। कहा भी गया है शिक्षक (गुरू) के बिना जीवन अंधकारमय है। आज उसी युग युगान्तर से चली आ रही परम्पराओं एवं अपने कर्तव्य तथा दायित्व का निर्वहन करते हुए उत्क्रमित मध्य माध्यमिक विद्यालय हदियाबाद गड़हनी भोजपुर में शिक्षक आशीष उपाध्याय के नेतृत्व और देखरेख मे छात्रों के बीच मूर्तिकरण एवं राखी मेकिंग कार्यक्रम के तहत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्या की देवी माँ शारदा की स्तुति प्रार्थना के साथ प्रधानाध्यापक ओम प्रकाश राय व गणमान्य विद्यालय परिवार के शिक्षक शिक्षिकाओं द्वारा सामूहिक रूप से अंधकार के प्रतीक माने जाने वाले दीप ज्योति प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रीराय ने कहा कि कला हमेशा से मानव जीवन का अभिन्न अंग रही है। इसने मानव जीवन को विविध रंगो से भरकर सुन्दर बनाया है। जैसे जैसे समय बितता जाता है, इसमें विभिन्न आयाम जुड़ते जाते हैं और कला शब्द का अर्थ व्यापक और जटिल होता जाता है।

शिक्षक आशीष उपाध्याय ने कहा की कला समग्र रूप से क्रिएटिविटी, एनोवेशन और टैलेंट का एक संयोजन है। शिक्षक संदीप कुमार ओझा ने कहा हमारे बच्चे जब इमेजिनेशन और प्रोडक्ट बनाते है तब हमारे इंद्रियों को उनकी बनाई चीजे आकर्षक लगती हैं, वहीं पियुष कुमार पाण्डेय ने कहा कि अपनी भावनाओं, मन की स्थिति, और जीवन के विभिन्न रंगो को व्यक्त करने की बात करते है तो बच्चों के फाईन आर्ट्स से अधिक एक्सप्रेसिभ कुछ भी नहीं हो सकता।

प्रतियोगिता एक ही संभाग (1-10) वर्ग के लिए आयोजित की गई, जिसमें विद्यालय के बहुतायत में बच्चों ने भाग लिया और अपने अपने कला का प्रदर्शन भी किया।बच्चों ने एक से बढ़कर एक आकृतियाँ बनाई साथ ही भाई-बहन के अटूट बंधन रक्षा-बंधन को यादगार बनाते हुए अपने स्वविवेक से हस्तकला को निखारते हुए आकर्षित करने वाली राखी बनाकर अन्य लोगो के लिए प्रेरणास्रोत बने। बच्चों को निर्धारित तय सीमा के अंदर अपनी प्रतिभा दिखानी थी और बेहतर कार्य को पुरस्कृत भी किया जाना था।इसे ध्यान मे रखते हुए बच्चो ने अपनी प्रतिभाओं को पटल पर रखा। वहीं अंत में निर्णायक मंडली के सदस्यों के द्वारा तीन-तीन बेहतर कलाकृतियों को चुना गया एवं बच्चों के संसद का निर्माण कर उन्हें पुरस्कृत किया गया।

वहीं प्रधानाध्यापक ओम प्रकाश राय ने प्रतियोगिता मे सम्मिलित सभी प्रतिभागियों को संतावना एवं प्रोत्साहन हेतु आमंत्रित कराया और पुरस्कृत करने को कहा। मूर्ति कला में प्रथम पुरस्कार, संयुक्त रूप में नन्द गोपाल कुमार कक्षा- 8 व प्रिन्स कुमार कक्षा- 7, द्वितीय पुरस्कार शिवम कुमार कक्षा -7 एवं तृतीय पुरस्कार कान्हा कुमार कक्षा -8 को प्रदान किया गया।राखी मेकिंग मे संयुक्त रूप से प्रथम पुरस्कार खुश्बू कुमारी कक्षा- 8 व ऋतु कुमारी कक्षा-10, द्वितीय पुरस्कार चंदा कुमारी कक्षा -10 व श्वेता कुमारी कक्षा- 8, तृतीय पुरस्कार समृद्धि कुमारी कक्षा- 9 व साक्षी कुमारी कक्षा- 10 को प्रदान किया गया।

इस अवसर पर विद्यालय परिवार के शिक्षक आशीष उपाध्याय, संदीप कुमार ओझा, पियूष कुमार पाण्डेय, दानिश्वर फोज्या, मोहम्मद नूरूद्दीन, अजीत कुमार, मीरा कुमारी रेणु कुमारी, प्रमोद कुमार, सहित सैकड़ो बच्चे उपस्थित थे।
















